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आखिरकार: दूल्हा शादी वाले दिन घोड़ी पर ही क्यों बेठता हैं, घोड़े पर क्यों नहीं, सदियों से चली आ रही इस प्रथा को जान हो जाओगे आश्चर्यचकित
 
GHODI


शादियों का मौसम: वैसे तो अब शादियों का मौसम लगभग खत्म हो गया है। कुछ मुहूर्तों की कमी की वजह से शादी के बंधन में नहीं बंध पा रहे तो कुछ लोग गर्मी को देखते हुए शादी की डेट को सर्दियों का इंतजार करवा रहे हैं।

हिन्दू धर्म

शादियों की बात सुनकर आप ये तो समझ ही गए होंगे कि आज मैं जो लिखने जा रही हूं, उसका संबंध शादी से अवश्य होगा। बहुत हद तक आप सही भी है, लेकिन यहां मैं आपको शादी की एक ऐसी रस्म के बारे में बताने जा रही हूं जिसे हिन्दू धर्म के हर परिवार में अपनाया जाता है।

रस्म का अर्थ

हम अकसर विभिन्न रस्मों-रिवाजों के विषय में सुनते हैं उनके पीछे का कारण भी जानने की कोशिश करते हैं लेकिन एक रस्म ऐसी है जिसे काफी एंजॉय तो किया जाता है लेकिन यह नहीं समझा जाता कि उस रस्म का अर्थ क्या है।

 दूल्हा
शादी वाले दिन घोड़ी पर बैठकर दूल्हा, अपनी दुल्हन को लाने जाता है। ये तो हम जानते भी हैं और बारात में खूब धमाचौकड़ी मचाकर वेन्यू पर पहुंचते भी हैं। लेकिन ये नहीं सोचते कि दूल्हा, घोड़ी पर ही क्यों बैठता है।

घोड़ी का चयन
दुनिया में बहुत से जानवर हैं, कोई भी अपनी च्वॉइस के जानवर पर बैठ सकता है लेकिन फिर सिर्फ घोड़ी का चयन ही क्यों किया गया? चलिए इस सवाल का जवाब जानने की कोशिश करते हैं।

वीरता और शौर्य का
घोड़े को वीरता और शौर्य का प्रतीक माना गया है, वहीं घोड़ी को उत्पत्ति का कारक करार दिया गया है।


नए जीवन की शुरुआत
पौराणिक काल में घोड़ों पर बैठकर युद्ध लड़ने का चलन था। श्रीराम और भगवान कृष्ण भी अपने विवाह वाले दिन घोड़े पर ही आए थे। शायद यही वजह है कि दूल्हे को घोड़ी पर बैठाकर नए जीवन की शुरुआत की ओर कदम बढ़ाने की परंपरा ने अस्तित्व लिया।

उत्पत्ति का कारक
पुराणों के अनुसार जब सूर्य देव की चार संतानों, यम, यमी, तपती और शनि देव का जन्म हुआ उस समय सूर्यदेव की पत्नी रूपा ने घोड़ी का ही रूप धरा था। शायद तभी से घोड़ी को उत्पत्ति का कारक माना जाने लगा।

पत्नी की बागडोर
एक अन्य मान्यता के अनुसार घोड़ी बुद्धिमान, चतुर और दक्ष होती है। उसे सिर्फ स्वस्थ और योग्य व्यक्ति ही नियंत्रित कर सकता है। दूल्हे का घोड़ी पर आना इस बात का प्रतीक है कि घोड़ी की बागडोर संभालने वाला पुरुष, अपने परिवार और पत्नी की बागडोर भी अच्छे से संभाल सकता है।