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IAS DIKSHA JAIN Success story: पिता की बातों से प्रेरित होकर शुरू की यूपीएससी की तैयारी, 22वीं रैंक हासिल कर बनीं IAS, पढिए DIKSHA JAIN की सफलता की कहानी

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 IAS SUCCESS STORY: सिविल सेवा परीक्षा को पास करना हर शख्स का सपना होता है। लेकिन जो कठिन प्रयास और एकाग्र मन से इस परीक्षा की तैयारी में लग जाता है वही इसमें सफलता हासिल कर पाता है। इस परीक्षा की तैयारी के लिए बहुत से ऐसे अभ्यर्थी हैं जो इसकी तैयारी के लिए अपना अच्छा खासा करियर दांव पर लगाकर अपने सपनों को साकार करने के लिए तैयारी में लग जाते हैं.

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आज हम आपको जिस आईएएस अधिकारी के बारे में बताने जा रहे हैं उनका नाम दीक्षा जैन हैं. जिन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए अच्छी खासी नौकरी छोड़ दी. कड़ी मेहनत और लगन से तैयारी करने के बावजूद उन्हें भी कई बार असफलता का सामना करना पड़ा. लेकिन कहते हैं ना कि मेहनत करने वालों की हार नहीं होती. दीक्षा ने भी अच्छी खासी रैंक हासिल कर ना सिर्फ अपने बचपन के सपने को पूरा किया बल्कि परिवार का नाम भी रोशन कर दिया. आइए जानते हैं देश की सबसे कठिन परीक्षा को पास करने के लिए उन्होंने किस रणनीति का सराहा लिया.

कौन हैं आईएएस दीक्षा जैन

दीक्षा जैन राजस्थान के आहोर जिले की रहने वाली हैं. उनके पिता का नाम अशोक जैन है. जोकि मुबई में नारकोटिक्स विभाग में डीजीपी के तौर पर कार्यरत हैं. पिता के सिविल सेवा में होने की वजह से दीक्षा को पढ़ाई में सपोर्ट तो जरूर मिला लेकिन उनके ऊपर यूपीएससी में सफलता हासिल करने की जिम्मेदारी और बढ़ गई थी. वो बताती हैं कि सिविल सेवा के लिए उन्हें पिता की तरफ से प्रेरणा मिलती रहती थी.

दीक्षा की शुरुआती पढ़ाई आहोर से ही हुई. बचपन से ही पढ़ाई में अच्छा होने के कारण उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में अच्छे अंक हासिल किए. बेसिक शिक्षा पूरी करने के बाद वो दिल्ली आ गईं. यहां उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस कॉलेज से अपने मास्टर्स की पढ़ाई को पूरा किया। ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करना शुरू कर दिया था.

पहले प्रयास में नहीं मिली सफलता

ग्रेजुएशन की पढ़ाई के आखिरी साल उन्होंने पहली बार यूपीएससी की परीक्षा दी. हालांकि इस बार उन्हें सफलता हासिल नहीं हो सकी.पहले प्रयास में असफलता हासिल होने पर उन्होंने अपनी रणनीति बदली और फिर से तैयारी में लग गईं. इस बीच उन्होंने कुछ स्टैंडर्ड किताबों से अपनी पढ़ाई की शुरुआत की। इसी के साथ वे मेंटली और फिजिकली दोनों तरह से खुदको फिट रखती थीं। इस बीच उन्होंने कई मॉक टेस्ट भी दिये जिससे उनके मन से एग्जाम का डर निकल चुका था। इसी के साथ वे राइटिंग प्रैक्टिस भी किया करती थीं।

22वीं रैंक हासिल कर बनीं आईएएस अधिकारी

साल 2018 में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा का फिर से प्रयास किया. इस बार उन्होंने इस परीक्षा में सफलता हासिल कर ली. अपने दूसरे यूपीएससी परीक्षा के प्रयास में उन्होंने पूरे देश में 22वीं रैंक हासिल की. उनकी इस सफलता से पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ पड़ी. इस परीक्षा को पास करके न केवल उन्होंने अपने सपनों को पूरा किया ब्लकि अपने परिवार का सिर भी गर्व से ऊंचा कर दिया।

दीक्षा जैन का इस परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को सलाह देते हुए बताती हैं कि जरुरी नहीं आपको सिविल सेवा परीक्षा पास करने के लिए बहुत सारी किताबें पढ़ें या रोजाना 24 घंण्टे उन किताबों में ही रहना हो. इसकी जगह आपको जरुरत है सही रणनीति और कुछ चुनिंदा किताबों की जिनका आप बार-बार रिविजन करें और प्रीलिम्स के साथ ही आप मेन्स की तैयारी भी करते चलें. इससे आपको प्रीलिम्स में भी काफी मदद मिलेगी। साथ ही आपमें कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास का होना बेहद जरुरी है।

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