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IAS Success Story : 35 लाख की नौकरी छाेड़ सपना किया साकार, पढ़ें IAS अधिकारी बने अभिनव सिवाच की कहानी
 
IAS abhinav sivach success story

यदि कुछ कर गुजरने का जज्बा हाे ताे किसी भी मंजिल काे आसानी पाया जा सकता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है, हिसार में नायब तहसीलदार के पद पर तैनात अभिनव सिचाव ने। सेक्टर 16-17 वासी नायब तहसीलदार अभिनव सिवाच ने यूपीएससी की परीक्षा में 16वीं रैंक हासिल की है।

अभिनव ने वर्ष 2019 में काेलकाता की मल्टीनेशन कंपनी में सलाहकार की ढाई लाख रुपये प्रतिमाह की नाैकरी छाेड़कर एचपीएससी की तैयारी की तथा नायब तहसीलदार के पद पर तैनात हाे गए। अब यूपीएससी की परीक्षा में 16वीं रैंक हासिल कर आईएएस बने हैं। अभिनव सिवाच का एकमात्र लक्ष्य आईएएस बनना था। क्योंकि अभिनव के पिता सतवीर शिवा सिरसा में आबकारी एवं कराधान उपायुक्त के पद पर तैनात हैं, इसलिए वह पिता के पद चिन्हों पर चलते हुए आईएएस बनने की तैयारी में जुटे हुए थे।

In the year 2019, Abhinav prepared for HPSC by leaving a job of Rs 2.5 lakh per month as consultant in a multination company in Kolkata and was posted as Naib Tehsildar. Now IAS has become IAS by securing 16th rank in UPSC exam. Abhinav Siwach's only goal was to become an IAS. Because Abhinav's father Satveer Shiva is posted as Deputy Commissioner of Excise and Taxation in Sirsa, he was preparing to become an IAS following in his father's footsteps.

यूपीएससी की रिजर्व लिस्ट का परिणाम 31 दिसंबर को जारी हुआ, जिसमें देशभर की सूची में अभिनव सिवाच का 16वां रैंक पाकर सिवाच परिवार खुशी से झूम उठा। गांव गोरखपुर में अपने लाडले के आईएएस बनने पर नव वर्ष पर खूब उत्सव मनाया गया। ग्रामीणों ने कहा कि सतबीर सिवाच आज के बाद उनके पुत्र अभिनय सिवाच ने भी गांव का नाम आईएएस बनकर रोशन किया है।

The result of UPSC's reserve list was released on December 31, in which the Siwach family rejoiced after getting Abhinav Siwach's 16th rank in the nationwide list. There was a lot of celebration in the village Gorakhpur on the new year when his beloved became an IAS. Villagers said that after today Satbir Siwach, his son Abhinay Siwach has also brought laurels to the name of the village by becoming an IAS.

पिता काे देखकर आईएएस बनने की ठानी थी, रोज 7 - 8 घंटे की पढ़ाई

नायब तहसीलदार की नौकरी से नहीं था संतुष्ट, आईएएस बनने का था जज्बा यूपीएससी के परीक्षा परिणाम में देशभर में 16वां रैंक प्राप्त करके आईएएस बने अभिनव सिवाच ने बताया कि बीटेक और एमबीए करने के बाद वर्ष 2018 को कोलकाता की मल्टीनेशनल कंपनी में सलाहकार पद पर नौकरी पर लग गया था। वहां उसका 35 लाख का पैकेज था, परंतु वहां पर यूपीएससी की तैयारी नहीं हो पा रही थी, इसलिए उसने कंपनी को छोड़ दिया।

Was not satisfied with the job of Naib Tehsildar, had the passion to become IAS, after getting 16th rank across the country in UPSC exam results, Abhinav Siwach said that after doing B.Tech and MBA, in the year 2018, he got a job in Kolkata's multinational company as a consultant. But it was on. There he had a package of 35 lakhs, but there was no preparation for UPSC, so he left the company.

वर्ष 2019 में उसे नायब तहसीलदार की नौकरी मिल गई, जिसने सिरसा में अंडर ट्रेनिंग पर रहे और टोहाना में नायब तहसीलदार के पद का कार्यभार संभाला। वर्तमान में बतौर हिसार में नायब तहसीलदार कार्यरत हैं, मगर नायब तहसीलदार की नौकरी से अभिनव सिवाच के मन में टीस रहती थी, क्योंकि उसका इरादा मात्र आईएएस बनना था। इसके चलते उसने यूपीएससी की तैयारी में प्रतिदिन 8 घंटे से ज्यादा पढ़ाई करनी शुरू कर दी। इसके अतिरिक्त ड्यूटी के साथ-साथ रात के समय और छुट्टी वाले दिन भी लगातार परीक्षा की तैयारी में समय बिताया। 

सिरसा में आबकारी एवं कराधान उपायुक्त सतबीर सिवाच ने भी अपने बेटे अभिनव सिवाच को यूपीएससी की परीक्षा से संबंधित कई महत्वपूर्ण टिप्स देकर उनकी मदद की, वहीं परिजनों का भी पूर्ण रुप से सहयोग मिला। दिल्ली के एक इंस्टीट्यूट से भी समाजशास्त्र के कई सवालों के बारे में पढ़ाई की थी, जिसके बदौलत पर 31 दिसंबर को यूपीएससी के आए रिजल्ट में अभिनव सिवाच को 16वीं रैंक हासिल हुई। अभिनव सिवाच का कहना है कि जरूरतमंदों की सेवा करना ही मेरा एक दायित्व ही नहीं, बल्कि सामाजिक कर्तव्य भी बनता है, इसलिए जरूरतमंदों की हर संभव मदद करूंगा और देश सेवा करना ही मेरा उद्देश्य है। पीड़ित को न्याय देना मेरी प्राथमिकता रहेगी।

Satbir Siwach, Deputy Commissioner of Excise and Taxation in Sirsa also helped his son Abhinav Siwach by giving him many important tips related to UPSC examination, while the family also got full support. I had also studied many questions of sociology from an institute in Delhi, due to which Abhinav Siwach got 16th rank in the UPSC result on 31st December.