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IAS Shivjeet bharti Success Story: अखबार बेचने वाले की बेटी बनी IAS, बिना कोचिंग जाए पहली बार में पास की UPSC की परीक्षा,पढिए Shivjeet bharti की सफलता की कहानी
 
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Success Story of IAS:  कहते हैं अगर हौसले बुलंद हों तो हर मंजिल आसान हो जाती हैं। कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कोई भी काम नामुमकिन नहीं होता ऐसा ही कर दिखाया है 26 साल की शिवजीत भारती, अखबार विक्रेता की बेटी हैं. शिवजीत भारती और उनका परिवार हरियाणा के जैसिंहपुरा गांव में रहते हैं.

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साधारण परिवार की हैं भारती

हरियाणा के जयसिंहपुरा गांव में भारती के पिता अखबार बेचने का काम करते हैं. यहां राज्य सरकार समाज की पितृसत्तात्मक मानसिकता को बदलने के लिए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे अभियान पर जोर दे रही है.

UPSC की कर रही थीं तैयारी
भारती, दरअसल यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रही थी. इसी बीच उन्‍हें HCS (एग्‍ज‍िक्‍यूटिव) परीक्षा देने का मौका मिला और पहली ही कोशिश में उन्‍होंने यह परीक्षा क्‍वालिफाई ली. भारती कहती हैं कि अब उन्‍हें पूरा यकीन है कि वह यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भी पास कर सकती हैं. उनका अगला लक्ष्‍य यूपीएससी क्‍ल‍ियर करना है.


 
खर्च चलाने के लिये पढ़ाती थीं ट्यूशन
भारती की छोटी बहन पब्‍ल‍िक एडमिनिस्‍ट्रेशन में पोस्‍ट ग्रेजुएशन कर रही हैं और उनका छोटा भाई स्‍पेशल चाइल्‍ड है. ऐसे में भाई-बहनों की पढ़ाई पर भी खर्च होता है. पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ से साल 2015 में, मैथ्‍स ऑनर्स से पोस्‍ट ग्रेजुएशन करने वाली भारती अपना खर्च चलाने के लिये घर पर ट्यूशन पढ़ाती हैं.

UPSC की कर रही थीं तैयारी
भारती, दरअसल यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रही थी. इसी बीच उन्‍हें HCS (एग्‍ज‍िक्‍यूटिव) परीक्षा देने का मौका मिला और पहली ही कोशिश में उन्‍होंने यह परीक्षा क्‍वालिफाई ली. भारती कहती हैं कि अब उन्‍हें पूरा यकीन है कि वह यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भी पास कर सकती हैं. उनका अगला लक्ष्‍य यूपीएससी क्‍ल‍ियर करना है.

इन कारणों से मिली सफलता
भारती के अनुसार सफलता के लिये कड़ी मेहनत जरूरी है और इसका दूसरा कोई विकल्‍प नहीं है. उन्‍हें किताबों से प्‍यार है और इसी मोहब्‍बत ने उन्‍हें यह सफलता दिलाई. भारती को किताबें, अखबार, मैग्‍जीन पढ़ना और यूट्यूब पर जानकारी से भरे वीडियोज देखना पसंद है. भारत ने बताया कि परीक्षा की तैयारी में ये सभी चीजें खूब काम आईं.


 
शादी का बढ़ाया था दबाव
पढ़ाई के दौरान ही भारती के माता-पिता ने उन पर शादी का बहुत दबाव बनाया था. आस-पड़ोस, रिश्‍तेदार, भारती के माता-पिता को सुझाव देते थे कि बेटी की जल्‍दी शादी कर दो. लेकिन भारती के माता-पिता के लिये उनकी शिक्षा सबसे जयादा जरूरी थी, इसलिये उन्‍होंने, रिश्‍तेदारों की बातों को अनसुना कर बेटी की पढ़ाई जारी रखी और आज उन्‍होंने यह साबित कर दिया कि अगर इच्‍छाशक्‍त‍ि हो तो छोटे से गांव में रहकर भी काफी कुछ हासिल किया जा सकता है.

एक मीडिया चैनल से बातचीत के दौरान भारती ने बताया, पढ़ाई पूरी हो जाने के बाद उनके माता-पिता ने शादी करने का दबाव बनाया। रोज हमारे घर पर आस-पड़ोस और रिश्तेदार आकर मेरी शादी करके की सलाह देते थे। लेकिन मैंने कह दिया था कि जब तक मैं कुछ बन नहीं जाऊं तब तक शादी नहीं करूंगी।