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हरियाणा की बेटी का कमाल, UNESCO में सीनियर रिसर्च कंसलटैंट पद पर हुई चयनित, सफलता देख माता पिता के छलके आंसू

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दिव्या शर्मा का संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन

कलायत की बेटी दिव्या शर्मा का संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) के पेरिस स्थित मुख्यालय में सीनियर रिसर्च कंसलटेंट के पद पर चयन हुआ है। वे जर्मनी से पीएचडी की तालीम हासिल करने के बाद आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) पेरिस में इंटर्नशीप कर रही थीं। इस दौरान उनकी योग्यता एवं कार्य कुशलता को देखते हुए यूनेस्को की चयन कमेटी ने उनकी नियुक्ति पर अपनी सहमति दी।

आइआइएसईआर से की एमएससी

होनहार दिव्या के पिता मुकेश पोलस्त कलायत के उप मंडल नागरिक अस्पताल में चीफ टेक्नीकल आफिसर के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। बेटी के यूनेस्को में चयन होने पर मुकेश पोल्सत और उनकी पत्‍‌नी सुनीता रानी की आंखों में खुशी के आंसूं छलक आए। बेटी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कलायत शहर के बाल भारती और एमडीएन स्कूल से शुरू की। बचपन से वे पढ़ाई-लिखाई में नित नए आयाम स्थापित करती आ रही हैं। यही कारण रहा कि अपनी प्रतिभा के बल दिव्या ने मोहाली स्थित आइआइएसईआर से गणित विषय में एमएससी की डिग्री हासिल की।

जर्मनी से की पीएचडी

काबिलियत के सिलसिले को निरंतर आगे बढ़ाते हुए दिव्या शर्मा ने जर्मनी से पीएचडी की शैक्षणिक योग्यता को पूरा किया। उनका सपना विश्व के विख्यात संस्थान यूनेस्को के माध्यम से देश-दुनिया में सेवाएं देना रहा। इस मिशन को लेकर उन्होंने अपना आवेदन यूनेस्को चयन कमेटी के समक्ष रखा। आखिरकार चयन कमेटी ने दिव्या शर्मा की प्रतिभा को यूनेस्को ने सलाम किया।

दिव्या शर्मा ने छोटी आयु में लिखा बड़ी उपलब्धि पर नाम 

मुकेश पोलस्त और पत्‍‌नी सुनीता रानी ने बताया कि उनका घर आंगन दो बेटियाें के साथ एक बेटे से गुलजार है। वे सदैव बेटे की तरह बेटियों को उच्च तालीम देने के पक्ष में रहे हैं। बेटी दिव्या ने जिस प्रकार 28 वर्ष की आयु में बड़ी उपलबि्ध को हासिल किया है, उससे परिवार, समाज, प्रदेश और देशवासियों की तरफ से उन्हें निरंतर बधाई संदेश आ रहे हैं। इससे साबित हो गया है कि बेटियों को यदि आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए जाएं तो वे बुलंदी के आकाश पर सफलता का बड़ा नाम लिखने में पीछे नहीं हैं।

छोटे भाई-बहन ने कहा कि दीदी ने दिया नए साल तोहफा

दिव्या छोटी बहन राधिका शर्मा भोपाल में रिसर्च एसिसटेंट और भाई एमएससी कर रहे हैं। दिव्या के यूनेस्को मुख्यालय में पदासीन होने पर वे फूले नहीं समां रहे हैं। उनका कहना है कि नव वर्ष में दीदी ने उनके उत्साह एवं उमंग को बढ़ाने का बड़ा तोहफा देने का कार्य किया है। 

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