बी. टेक करने के बाद रेलवे में नौकरी करने का आया विचार, बन गई जिले की पहली महिला असिस्टेंट लोको पायलट, जानिए नीतू पटेल की कामयाबी की कहानी

Jobs Haryana, Success Story Of Neetu Patel

जरूरी नहीं की रोशनी सिर्फ चिरागों से ही हो, बेटियां भी घर में उजाला कर सकती हैं। यह साबित कर दिखाया परतावल क्षेत्र के छतिराम की बेटी नीतू पटेल ने। असिस्टेंट लोको पायलट पद पर चयनित होने वाली नीतू जिले की पहली बेटी हैं। जिले की पहली महिला असिस्टेंट लोको पायलट बनी नीतू पटेल महिला सशक्तीकरण की दिशा में जिले के महिलाओं के लिए मिसाल है। 15 फरवरी से वे गोरखपुर में प्रशिक्षण ले रही हैं और जल्द ही प्रशिक्षण पूर्ण कर ट्रेन चलाएंगी।

नगर पंचायत परतावल के सुरेंद्र पटेल परतावल चौराहे पर विद्युत उपकरण की दुकान चलाते हैं, मां गृहिणी हैं। सुरेंद्र पटेल के तीन बेटियों व दो बेटों में बड़ी बेटी नीतू पटेल ने पहली महिला असिस्टेंट लोको पायलट बनकर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया है।

‘परतावल से हाईस्कूल उत्तीर्ण करने के बाद राजकीय पालिटेक्निक गोरखपुर से इलेक्ट्रानिक ट्रेड से डिप्लोमा करने के बाद आइटीएम चेहरी से इलेक्ट्रानिक से बी.टेक किया। उसके बाद रेलवे के क्षेत्र में नौकरी करने का मूड बना लिया। इसके बाद उसने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी शुरु कर दी।

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इस बीच रेलवे लोको पायलट परीक्षा की वेकेंसी निकली। नीतू पटेल पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। नीतू की सफलता पर पिता सुरेंद्र पटेल व माता शकुंतला देवी के साथ ही क्षेत्रीय लोगों ने बधाई दी है। बिटिया को किया जाएगा सम्मानित:

 

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