आईएएस बनने के सपने को पूरा करने के लिए दो बार हार का किया सामना, ऑल इंडिया 12 वीं रैंक हासिल कर पूरा किया सपना

Jobs Haryana, Success Story Of IAS Namrata Jain

आईएएस बनने का सपना हर किसी का होता है और इसी सपने को पूरा करने के लिए हर बार लाखों युवा यूपीएससी की परीक्षा देते हैं लेकिन ये सपना कुछ गिने चुने लोगों का ही हक़ीक़त हो पाता है। ऐसे में जिन्होने दिन रात मेहनत कर अपने सपने को पूरा किया है उन लोगों बारे में दुनिया जानना चाहती है। लोग उन्हें अपना प्रेरणा स्रोत मानते हैं। ताकि वह भी अपने जीवन में उन जैसा बन कर अपने समाज में अपनी एक अलग पहचान बना सकें।

आज आपको साल 2018 में यूपीएससी परीक्षा पास कर आईएएस अफसर बनने वाली नम्रता जैन की कहानी बताएंगे, जिन्हें यह सफलता तीसरे प्रयास में मिली। दूसरे प्रयास में भी नम्रता इस परीक्षा को पास कर चुकी थीं, लेकिन उनकी रैंक 99 आई थी, जिसकी वजह से उनका चयन आईपीएस सेवा के लिए किया गया। लेकिन नम्रता जैन का सपना आईएएस अफसर बनने का था। ऐसे में उन्होंने तीसरा प्रयास किया और इस बार ऑल इंडिया रैंक 12 प्राप्त कर अपना लक्ष्य हासिल कर लिया।

अगर बात की जाए उनके जीवन के बारे में तो नम्रता जैन (IAS Namrata Jain) जो कि बस्तर दंतेवाड़ा की रहने वाली हैं। नम्रता जैन की शुरुआती पढ़ाई पास के ही स्कूल से पूरी हुई थी। बारहवीं पास करने के बाद उन्होंने आगे की पढाई के लिए भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Bhilai Institute of Technology Durg) में दाखिला ले लिया। यहाँ उन्होंने अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और बाद में यूपीएससी (Union Public Service Commission) की तैयारी करनी शुरू कर दी।

अगर नम्रता के यूपीएससी सफर की बात करें तो उन्होंने अपना पहला अटेम्प्ट 2015 में दिया था पर इस समय उनका प्री में भी चयन नहीं हुआ था। लेकिन नम्रता ने अपनी हार को देख कर निराश होने के बजाय फेलियर के कारण जानने और उन पर काम करने में विश्वास रखती हैं। उन्होंने किया भी यही, अपनी गलतियों से सीख ली और दोबारा साल 2016 में परीक्षा दी। इस साल नम्रता का सेलेक्शन हो गया और उन्हें 99वीं रैंक मिली। इस स्टेज पर भी वे दंतेवाड़ा से चयनित होने वाली पहली कैंडिडेट थी। नम्रता को रैंक के अनुसार आईपीएस सर्विस मिली और वे सरदार वल्लभ भाई पटेल नेशनल पुलिस एकेडमी, हैराबाद में ट्रेनिंग करने लगीं। इस दौरान उन्होंने तैयारी बंद नहीं की। इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने तीसरी बार फिर से यूपीएससी की परीक्षा देने का फ़ैसला किया। इस बार फिर उन्होंने कड़ी मेहनत के साथ फिर से परीक्षा दी और उन्हें अच्छी रैंक प्राप्त हुई। उनकी मेहनत का नतीजा था कि वह 12 वीं रैंक हासिल कर यूपीएससी टॉपर बनी।

नम्रता के अनुसार इस परीक्षा में सफल होने के लिए सबसे जरूरी है सेल्फ कांफिडेंस। किसी भी वजह से अपने मन में यह शंका न लाएं कि मैं इस एग्जाम में सफल नहीं हो सकता क्योंकि सच तो यह है कि कोई भी कैंडिडेट मेहनत करके इस मुकाम पर पहुंच सकता है। इसके बाद वे दो मुख्य बातें कहती हैं जो हैं पेशेंस और कंसिसटेंसी। नम्रता कहती हैं इस पूरे सफर में आपको संयम रखना होगा, सफलता नहीं मिलेगी, गलतियां होंगी पर हिम्मत नहीं हारनी है। अगली जरूरी चीज है कंसिसटेंसी। जितना भी पढ़ें, रोज पढ़ें।

जो य़ुवा यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए नम्रता जैन ने अंत में बस इतना ही कहा है कि परीक्षा की तैयारी के समय प्री, मेन्स और इंटरव्यू को अलग-अलग न मानें। तीनों की तैयारी एक साथ करें। पढ़ने के साथ ही लिख-लिखकर प्रैक्टिस करें क्योंकि कई बार उत्तर आने पर भी कैंडिडेट अच्छे से आंसर नहीं लिख पाते। इसलिए राइटिंग का अभ्यास बहुत जरूरी है। मॉक टेस्ट बिलकुल परीक्षा वाले माहौल में दें, उतनी ही गंभीरता के साथ। यह बहुत लाभ देता है इनसे आपकी प्रैक्टिस भी होती है और कमियां भी पता चलती हैं जिन्हें आप समय रहते दूर कर सकते हैं। याद रखें कि ईमानदारी से प्रयास करेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी। कई बार देर लग सकती है पर आपकी मेहनत खाली नहीं जाएगी।

आईएएस बनने के सपने को पूरा करने के लिए दो बार हार का किया सामना, ऑल इंडिया 12 वीं रैंक हासिल कर पूरा किया सपना

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