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Sukanya Samriddhi Scheme: समृद्धि योजना से सुरक्षित करें बिटिया का भविष्य, ऐसे उठाएं लाभ
 
yojana 2022

Sukanya Samriddhi Yojana: साल 2015 में केंद्र सरकार ने बिटिया की शादी और पढ़ाई के मकसद से एक खास स्कीम की शुरुआत की थी। इस स्कीम का नाम है-सुकन्या समृद्धि योजना। स्कीम पैरेंट्स के बीच काफी लोकप्रिय है। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत बिटिया के लिए अकाउंट खोलने के लिए पोस्ट ऑफिस पहली पसंद है। 

पोस्ट ऑफिस में कितने रुपए: सरकार के आंकड़ों के मुताबिक योजना की शुरुआत से अक्टूबर, 2021 तक डाक विभाग द्वारा 2.26 करोड़ सुकन्या समृद्धि खाते खोले गए। देश में कुल सुकन्या समृद्धि खातों का 86% केवल डाकघरों के माध्यम से खोले गए। इस योजना के तहत पोस्ट ऑफिस में 80,509.29 करोड़ रुपए जमा हैं। आपको बता दें कि सुकन्या समृद्धि खाता किसी भी डाकघर में खोला जा सकता है। इसके अलावा सरकारी और कुछ निजी बैंक भी सुकन्या समृद्धि खाता खोलने की इजाजत देते हैं।

योजना का मकसद: सुकन्या समृद्धि खाता योजना बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करती है। इस योजना ने उन्हें उचित शिक्षा, शादी के खर्च और उनके भविष्य को सुरक्षित करने में मदद की है। ये खाता 10 वर्ष या उससे कम उम्र की लड़की के अभिभावक या माता-पिता द्वारा खोला जा सकता है। योजना के तहत, आप न्यूनतम राशि 250 रुपये और अधिकतम राशि 1.5 लाख रुपये जमा कर सकते हैं। 

सुकन्या समृद्धि में एक बेटी के नाम पर एक ही खाता खुलवाया जा सकता है। अगर दो बेटियां हैं तो दोनों के नाम अलग-अलग खाते खोलने होंगे। सुकन्या समृद्धि योजना पर 7.6 फीसदी ब्याज है। 

खाता कब होता है मैच्योर   

सुकन्या समृद्धि खाते (Sukanya Samriddhi Account) में खाता खुलवाने की तारीख से लेकर अधिकतम 14 वर्ष तक या बच्ची के 21 वर्ष के हो जाने तक पैसा जमा कर सकते हैं। बच्ची के 21 वर्ष पूरे होने पर या फिर बच्ची की शादी होने पर स्कीम परिपक्व हो जाती है। 14 वर्ष वाली अवधि पहले ही पूरी हो जाने पर परिपक्वता तक उस समय की तय ब्याज दर के हिसाब से खाते में पैसा जुड़ता रहता है।

इन कंडीशन में वक्त से पहले निकाल सकते हैं पैसा

बच्ची के जमाकर्ता अभिभावक की मृत्यु होने पर या फिर किसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए सुकन्या समृद्धि खाते को समय से पहले बंद कराकर पैसा निकाला जा सकता है। वैसे तो इस योजना में बच्ची के 21 वर्ष का हो जाने के बाद ही पूरा पैसा मिलता है। लेकिन बच्ची के 18 साल का होने के बाद उच्च शिक्षा या विवाह के लिए पिछले वित्त वर्ष की समाप्ति पर खाते में मौजूद बैलेंस का 50ः तक निकाला जा सकता है।