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डीसी रेट नहीं अब निगम रेट पर मिलेंगी नौकरियां, 3 श्रेणियां में बंटा हरियाणा, देखिये पूरी लिस्ट
 
 निगम रेट पर मिलेंगी नौकरियां

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि विभिन्न जिलों में लागू डीसी रेट को अब निगम रेट कहा जाएगा और यह रेट मुख्य सचिव के नेतृत्व में सामान्य प्रशासन विभाग तय करेगा। उन्होंने कहा कि यह रेट कौशल विकास निगम के माध्यम से अनुबंध आधार पर नियुक्त कर्मचारियों पर भी लागू होंगे। मनोहर लाल ने कहा कि इनके निर्धारण के लिए प्रदेश के जिलों की 3 श्रेणियां बनाई गई हैं। श्रेणी-। में जिला गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और सोनीपत रखे गए हैं।

श्रेणी-2 में जिला पानीपत, झज्जर, पलवल, करनाल, अंबाला, हिसार, रोहतक, रेवाड़ी, कुरुक्षेत्र, कैथल, यमुनानगर, भिवानी और जींद आते हैं। श्रेणी-3 में जिला महेंद्रगढ़, फतेहाबाद, सिरसा, नूंह और चरखी दादरी शामिल हैं। मुख्यमंत्री हरियाणा दिवस पर राज्य स्तरीय समारोह तथा अपनी सरकार के 7 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।  हरियाणा कौशल रोजगार निगम पोर्टल लॉन्च मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सरकारी विभागों और उपक्रमों में अनुबंध आधार पर कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम बनाया है।

आज नियुक्ति प्रक्रिया को सुगम और सुव्यवस्थित करने के लिए हरियाणा कौशल विकास निगम के वन-स्टॉप आईटी पोर्टल का शुभारंभ किया जा रहा है। अनुबंध आधार पर नौकरी के उम्मीदवार इस पर अपना पंजीकरण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल पर उम्मीदवार अपनी परिवार पहचान-पत्र आई.डी का उपयोग करके पंजीकरण कर सकते हैं। सरकारी विभाग व संस्थाएं इस पोर्टल पर कर्मचारियों की आवश्यकता के बारे अधिसूचित करेंगी। पोर्टल के माध्यम से कर्मचारियों की नियुक्ति योग्यता व निर्धारित मानदंडों के अनुसार की जाएगी।  मौजूदा कर्मचारियों को भी इस पोर्टल पर दर्शाया जाएगा।

मनोहर लाल ने कहा कि अनुबंध कर्मचारियों की शिकायत रही है कि ठेकेदार उनका शोषण करते हैं। समय पर वेतन और अन्य लाभों का भुगतान नहीं किया जाता और ईपीएफ व ईएसआई की राशि भी जमा नहीं करवाई जाती। उनके द्वारा उम्मीदवारों का चयन भी पारदर्शी और निष्पक्ष नहीं है। राज्य आरक्षण नीति और अन्य सरकारी अधिसूचनाओं का अनुपालन भी नहीं किया जा रहा।

उन्होंने कहा कि इन शिकायतों को ध्यान में रखते हुए, हमने कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के अंतर्गत 'हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड' के नाम से एक कंपनी स्थापित की है। इसके द्वारा कर्मचारियों को नियुक्त करने में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। यह राज्य आरक्षण नीति का पालन सुनिश्चित करेगी। नियुक्त कर्मचारियों को वेतन और लाभ का समय पर भुगतान सुनिश्चित करेगी। यह सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित उम्मीदवारों के उत्थान पर भी ध्यान केंद्रित करेगी।