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अगर आपके पास भी खराब या फटे हुए नोट तो घबराए नही, यहां हैं इसका समाधान, बैंक ने दी पूरी जानकारी
 
Soiled or mutilated notes can be exchanged in banks know its rules

अगर आपके पास भी हैं कोई कटा फटा या पुराना नोट और वह किसी भी तरह से चलन में नही हैं तो चिंता करने की बिलकुल भी जरूरत नही हैं। आप बैंक में जा कर इसे बदलवा सकते हैं। देश के जाने माने बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने यह जानकारी दी है।

SBI ने ट्विटर पर एक यूजर के जवाब में बताया है कि बैंक के सभी ब्रांच में पूरी तरह खराब हो चुके या थोड़े खरीब करेंसी नोटों और सभी मूल्य के दूसरी तरह के खराब हो चुके नोट बदले जा सकते हैं। बैंक ने आगे कहा है कि बैंक की करेंसी चेस्ट ब्रांच खराब हो चुके करेंसी नोटों को बदल देती है।

SBI के मुताबिक, करेंसी को बदलने की सुविधा बैंक के ग्राहकों, अन्य के लिए पेश की गई है।  बैंक इस मामले में आरबीआई की गाइडलाइंस का पालन करता है। बैंक ने बताया कि आरबीआई ने बैंकों को उन खराब हो चुके नोटों को बदलने की मंजूरी दे रखी है, जो असली हैं और जहां खराबी ऐसी है, जिससे कोई संदेह या धोखाधड़ी नहीं हो सकती।

स्टेट बैंक ने यह जवाब एक ग्राहक के सवाल में किया था। एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर बैंक को टैग करके उससे पूछा था कि उनके पास दो हजार रुपये का एक नोट है, जो कटा हुआ है और वे इसे बदलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आरबीआई की गाइडलाइन के मुताबिक, फटे हुए नोट को बदला जा सकता है, लेकिन बैंक ने इससे मना कर दिया। उन्होंने बैंक के ट्विटर हैंडल को टैग करके पूछा कि वे आगे क्या कर सकते हैं।

खराब हो चुके नोट के लिए RBI की गाइडलाइंस
खराब हो चुके नोटों में वे आते हैं, जो गंदे हो गए हैं या थोड़े कट गए हैं। जिन नोटों के दोनों किनारों पर नंबर दिए गए हैं, यानी जो नोट 10 रुपये और ज्यादा के मूल्य में है और जो दो भागों में हैं, उन्हें भी खराब हो चुके नोट माना जाता है। हालांकि, ऐसे नोटों में कट नंबर पैनल के जरिए नहीं मौजूद होना चाहिए। इन सभी नोटों को किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के काउंटर पर जाकर बदला जा सकता है। इसके साथ इन्हें निजी सेक्टर बैंक के किसी भी करेंसी चेस्ट ब्रांच या भारतीय रिजर्व बैंक के किसी इश्यू ऑफिस पर जाकर बदल सकते हैं। इसके लिए किसी फॉर्म को भरने की जरूरत नहीं है।

फटे हुए नोट के लिए केंद्रीय बैंक के नियम
जो नोट भागों में बंट गए हैं या जरूरी भाग गुम गए हैं, उन्हें एक्सचेंज किया जा सकता है। करेंसी नोट में जरूरी हिस्से उसे जारी करने वाली अथॉरिटी, गारंटी, प्रोमिज क्लॉज, सिग्नेचर, महात्मा गांधी की तस्वीर या अशोका पिलर का चिन्ह हैं। इन नोटों की रिफंड वैल्यू का भुगतान आरबीआई (नोट रिफंड) रूल्स के मुताबिक होगा। इन्हें किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के काउंटर पर बदला जा सकता है। इसके साथ इन्हें निजी सेक्टर बैंक के किसी भी करेंसी चेस्ट ब्रांच या भारतीय रिजर्व बैंक के किसी इश्यू ऑफिस पर जाकर बदल सकते हैं। इसके लिए भी किसी फॉर्म को भरने की जरूरत नहीं है।