Uncategorized ऑल इंडिया जॉब्स प्राइवेट जॉब्स बैंकिंग जॉब्स सरकारी नौकरियां हरियाणा जॉब्स

खुशखबरी- नौकरी करने वालों को होगा फायदा, 5 हजार हो सकती है EPS पेंशन

Jobs Haryana,

सरकार नौकरी करने वाले कर्मचारियों के फायदे को लेकर बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। EPFO के दायरे में आने वाली संगठित क्षेत्र की कंपनियों को अपने कर्मचारी को EPF (Employee Provident FUnd) का लाभ उपलब्ध कराना होता है। EPF में एंप्लॉयर व इंप्लॉई दोनों की ओर से योगदान कर्मचारी की बेसिक सैलरी+DA का 12-12 फीसदी है। नियोक्ता के 12 फीसदी योगदान में से 8.33 फीसदी इंप्लॉई पेंशन स्कीम EPS में जाता है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रोविडेंट फंड (PF) पर ज्यादा ब्याज देने और इम्प्लाइज पेंशन फंड (EPS) के तहत 5000 रुपये प्रति महीना पेंशन करने की तैयारी हो रही है। इन दोनों मामलों पर विचार-विमर्श के लिए इस हफ्ते लेबर पैनल बड़ा चर्चा करेगा।

Advertisement

पैनल का गठन पिछले महीने ही किया गया था। सूत्रों की मानें तो EPFO को संगठित और असंगठित सेक्टर में काम करने वालों के लिए ज्यादा फायदेमंद कैसे बनाया जाए, इस पर भी पैनल विचार करेगा। काफी समय से EPFO के कोष को फंड मैनेजर देख रहे हैं। साथ ही इसके निवेश से जुड़े फैसले भी वही करते हैं। ऐसे में यह पैनल इसका आकलन करेगा। पैनल के सदस्य कोरोना वायरस और लॉकडाउन के चलते EPFO कोष पर पड़ने वाले प्रभाव का भी आकलन करेगा।

सूत्रों के मुताबिक, PF कोष के लिए गठित पैनल की बुधवार को होने वाली बैठक में कर्मचारियों की पेंशन योजना (EPS) के तहत पेंशन बढ़ाने और खाताधारक की मृत्यु के मामले में परिवारों को मिलने वाली राशि की उपलब्धता सुनिश्चत करने पर भी चर्चा होगी। EPS योजना के तहत न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर 5,000 रुपए मासिक भुगतान करने पर भी विचार होगा। कई ट्रेड यूनियन और श्रमिक संगठन भी पिछले कुछ समय से पेंशन की राशि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। केंद्र सरकार का मकसद असंगठित श्रमिकों को बुढ़ापे की सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।

Advertisement

EPF कोष पर पैनल कई बैठकों में इस मुद्दे पर चर्चा करेगी और अपनी विस्तृत रिपोर्ट संसद को शीतकालीन सत्र में सौपेंगी। पैनल के सदस्यों ने श्रम मंत्रालय के प्रतिनिधियों को दूसरे देशों में संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए किए गए प्रावधानों का भी ब्योरा दिया है।

कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) पर वर्ष 2019-20 के लिए 8.5 प्रतिशत ब्याज तय किया है। यह पिछले पांच वित्तीय वर्षों में सबसे कम है, ऐसे में बढ़ाने की तैयारी है। अगर पैनल अपनी रिपोर्ट में ज्यादा रिटर्न दिलाने वाली जगह पर निवेश करता है तो इसका फायदा आपको भी मिलेगा। अगले वित्तीय वर्ष में ज्यादा ब्याज दिलाना भी पैनल की जिम्मेदारी होगी। वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए ब्याज दर दिसंबर अंत या जनवरी में तय होगी। उससे पहले पैनल की सिफारिशों के आधार पर इसे तय किया जा सकता है।

Advertisement

Related posts

ICCR में लोअर डिवीज़न क्लर्क समेत कई पदों पर भर्ती, यहां से करें आवेदन

Admin

HBSE हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष का बयान, 4-5 जुलाई से हो सकती हैं 10वीं और 12वीं की शेष परीक्षाएं

Admin

दूरसंचार विभाग में निकली है भर्ती, यह योग्यता है तो, जल्दी करें आवेदन

Jobs Haryana

Leave a Comment