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क्या सच में भारत की जनसंख्या कम हो रही हैं? समझिए किस आधार पर कही जा रही है ये बात
 
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शायद भारत की जनसंख्या कम होने लगी है। दरअसल, एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कहा जा रहा है कि भारत में प्रजनन दर कम हो गई है, इसलिए इस रिपोर्ट को खुशखबरी के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि भारत पहले ही ओवर पॉप्युलेशन की दिक्कत का सामना कर रहा है। दरअसल, पहले बताया जा रहा था कि आने वाले वक्त में भारत की जनसंख्या काफी ज्यादा बढ़ सकती है, लेकिन अब सामने आई यह रिपोर्ट बताती है कि भारत की जनसंख्या नियंत्रित रह सकती है। इसलिए, इसे अच्छी न्यूज माना जा रहा है।

ऐसे में जानते हैं देश में किस तरह से जनसंख्या कम हो रही है और इसकी वजह बताई जा रही प्रजनन दर किस तरह से जनसंख्या को नियंत्रित करती है। समझते हैं जनसंख्या किस आधार पर नियंत्रित होती है और इसका क्या गणित है…

क्या कहती है रिपोर्ट?
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के दूसरे चरण के अनुसार, देश की कुल प्रजनन दर (TFR) या एक महिला द्वारा अपने जीवनकाल में बच्चों को जन्म देने की औसत संख्या 2.2 से घटकर 2 हो गई है, जबकि कन्ट्रासेप्टिव प्रिवलेंस रेट में भी वृद्धि हुई हैं और यह 54% से बढ़कर 67% तक हो गई है। अब जानते हैं कि आखिर ये प्रजनन दर क्या है और इसके आधार पर कैसे कहा जा सकता है कि इससे जनसंख्या कम हो सकती है या नियंत्रण में आ सकती है।

कैसे कम हो सकती है जनसंख्या?
जनसंख्या कम होने का आधार प्रजनन दर को माना जा रहा है, जिसमें कमी हुई है। ऐसे में पहले आपको आसान शब्दों में बताते हैं कि प्रजनन दर क्या है और यह कैसे जनसंख्या को प्रभावित करती है। प्रजनन दर का मतलब है कि एक महिला कितने बच्चों को जन्म दे रही है। जैसे मान लीजिए एक शहर में एक जोड़ा सिर्फ एक ही बच्चे को जन्म दे रहा है तो इसका मतलब यहां की प्रजनन दर 1 है। लेकिन अगर प्रजनन दर एक रहती है तो आने वाले वक्त में जनसंख्या काफी तेजी से गिरने लगती है।

कितनी रहनी चाहिए प्रजनन दर?
माना जाता है कि अगर किसी देश की प्रजनन दर 2.1रहती है तो आने वाले कुछ सालों में भी जनसंख्या नियंत्रण रहती है और उतनी ही बनी रहती है। जैसे अगर शहर की जनसंख्या 10 लाख है और 2.1प्रजनन दर है तो आने वाले कुछ सालों में भी जनसंख्या 10 लाख ही रहेगी। अगर ये दर 2.1से कम हो जाती है तो इसका मतलब है कि जनसंख्या में धीरे-धीरे कमी होने वाली है। इस बार भारत की जनसंख्या 2 हो गई है, कुछ सालों में इसका जनसंख्या पर असर दिखना शुरू हो जाएगा।

बता दें कि साल 1960 में देश की प्रजनन दर करीब 6 थी, जिस वजह से जनसंख्या में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली। अगर किसी देश की प्रजनन दर 3 से ज्यादा होती है तो तीन-चार दशक में जनसंख्या डबल हो सकती है। लेकिन, साल 2019 में भारत में ये दर 2.20 तक थी, जो दिखाता है कि भारत जनसंख्या नियंत्रण पर विचार कर रहा है। वहीं, चीन में ये दर 1.70 पहुंच गई है, जिससे वहां जनसंख्या में नियंत्रण में आना शुरू हो गई है।