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बढ़ते प्रदूषण के कारण अगले आदेश तक दिल्ली NCR के सभी स्कूल-कॉलेज बंद, हरियाणा में भी लागू हुए ये आदेश...
 
Delhi Schools Update

दिल्ली सरकार के पिछले आदेश के अनुसार एक सप्ताह के लिए स्कूलों को बंद करने की घोषणा की गई थी। लेकिन बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए राज्य सरकार ने अगले आदेश तक राज्य भर के सभी शिक्षण संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया है। ऑनलाइन क्लासेस जारी रहेंगी। इससे पहले राज्य सरकार ने 13 नवंबर 2021 से शुरू होकर एक सप्ताह के लिए स्कूलों को बंद करने की घोषणा की थी। राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। स्कूलों के साथ-साथ कई कार्यों पर रोक लगा दी गई है।

सरकारी दफ्तरों को वर्क फॉर्म होम दे दिया गया है। दिल्ली एनसीआर की सभी निजी और सार्वजनिक स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक संस्थान अगले आदेश तक बंद रहेंगे, जिसमें केवल ऑनलाइन क्लासेस (Online Classes) की अनुमति होगी। केंद्र सरकार ने वायु प्रदूषण को रोकने के लिए राज्यों, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश को भी स्कूलों को बंद करने का सुझाव दिया था।

हरियाणा सरकार ने वायु प्रदूषण को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में आने वाले चार जिलों अर्थात गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में 17 नवंबर, 2021 तक सभी स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया था।

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इस संबंध में जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने  बताया कि राज्य सरकार वायु प्रदूषण को रोकने के लिए एनसीआर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फरीदाबाद, गुरुग्राम और झज्जर के राजस्व जिलों में अगले सात दिनों के लिए स्वेच्छा से तत्काल प्रभाव से कई उपाय कर रही है।


उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव-सह-अध्यक्ष, हरियाणा राज्य कार्यकारी समिति द्वारा राज्य के सभी प्रशासनिक सचिवों, पुलिस महानिदेशक, मण्डलायुक्तों, गुरुग्राम, फरीदाबाद व रोहतक के आईजीपीएस, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर के उपायुक्त एवं एसपी और  हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पंचकूला के अध्यक्ष एवं सदस्य सचिव  को जारी पत्र में दिए गए निर्देशों के अनुसार इन जिलों में  17 नवंबर, 2021 तक सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रहेंगे।
 
उन्होंने कहा कि सडक़ों पर वाहनों के आवागमन को 30 प्रतिशत तक कम करने के उद्देश्य से सभी सरकारी और निजी कार्यालयों को घर से काम करने की सलाह दी गई है ताकि वाहनों के उत्सर्जन और वायु में धूल के कणों को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि 10/15 वर्ष से पुराने वाहनों (क्रमश: डीजल/पेट्रोल) की उत्सर्जन के संबंध में कड़ाई से जांच की जाएगी और तदनुसार जब्त किया जाएगा।
 

उन्होंने कहा कि इन जिलों में सभी प्रकार के निर्माण और विकास गतिविधियों पर पूर्ण रूप से रोक रहेगी। निर्माण गतिविधियों में प्रयोग होने वाले मैकेनाइज्ड स्टोन क्रशर और हॉट मिक्स प्लांट भी बंद रहेंगे। इसके अतिरिक्त, नगर निकायों द्वारा कचरा जलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी और पराली जलाने पर रोक रहेगी। उन्होंने कहा कि सडक़ों की मैन्युअल सफाई की अनुमति नहीं दी जाएगी।


उन्होंने कहा कि धूल को नियंत्रित करने के लिए सडक़ों पर पानी का छिडक़ाव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उपायुक्त उपरोक्त निर्देशों/अनुदेशों को लागू करने के लिए संयुक्त निरीक्षण दल गठित करके व्यापक जांच व निगरानी करेंगे और आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ हरियाणा सरकार द्वारा समय-समय पर जारी कानून/नियमों/निर्देशोंं के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि ये दिशानिर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे और 17 नवंबर, 2021 तक लागू रहेंगे। जिला प्रशासन अपने अधिकार क्षेत्र में मुनादी (ढोल की थाप) द्वारा व्यापक प्रचार सुनिश्चित करेगा। इसके अतिरिक्त, इस बारे प्रेस विज्ञप्ति और सोशल मीडिया के माध्यम से भी प्रचार-प्रसार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों द्वारा इन दिशानिर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।