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इस बीमारी ने आने से पहले ही उड़ाई पूरी दुनिया की नींद, इसके कहर को लेकर WHO भी परेशान

चीन में कोरोना वायरस के बढ़ते केस ने चीनी सरकार की मुश्किलें बढ़ाई ही हैं, साथ ही इसने दुनिया के दूसरे देशों को भी टेंशन में डाल दिया है.
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इस बीमारी ने आने से पहले ही उड़ाई पूरी दुनिया की नींद, इसके कहर को लेकर WHO भी परेशान

चीन में कोरोना वायरस के बढ़ते केस ने चीनी सरकार की मुश्किलें बढ़ाई ही हैं, साथ ही इसने दुनिया के दूसरे देशों को भी टेंशन में डाल दिया है. कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चीन ने कई शहरों में लॉकडाउन तक लगा दिया है. इन सबके बीच वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की आई एक नई रिपोर्ट ने लोगों के अंदर और डर पैदा कर दिया है. दरअसल, वह भविष्य में इंसानों पर हमला कर सकने वाली बीमारियों की लिस्ट बना रहा है, इसमें सबसे खतरनाक डिजीज X है.

अभी तक पश्चिमी अफ्रीका के देशों में दिखे हैं केस

कोविड का दूसरा झटका आया ही था, कि तभी डिजीज X की बात होने लगी. साल 2021 में वैज्ञानिकों ने माना कि ये फ्यूचर बीमारी इबोला से भी ज्यादा जानलेवा हो सकती है.

बता दें कि आमतौर पर पश्चिमी अफ्रीका में दिखने वाली इस वायरल बीमारी से ग्रस्त लगभग 80 प्रतिशत मरीजों की जान चली जाती है.

बहुत कम लोगों को इसकी जानकारी

इबोला वायरस की खोज में अहम हिस्सा निभा चुके वैज्ञानिक जीन जैक्यू ने ही डिजीज X को लेकर भी आगाह किया. उनका मानना है कि डिजीज X यानी वो बीमारी, जिसके बारे में कोई कुछ नहीं जानता.

ये किससे होगी, किस देश से शुरुआत होगी और कैसे खात्मा होगा. X के मायने हैं, जिसकी उम्मीद न हो.

कोरोना से पहले ही बताया था खतरे के बारे में

डिजीज X की चर्चा कोविड से पहले हुई थी. वैज्ञानिकों ने इसके खतरों के बारे में भी बताया था. लेकिन फिर कोरोना ने 2 साल तक तबाही मचाई. हालांकि चीन को छोड़ दें तो दुनिया भर में स्थिति कंट्रोल में है. लेकिन एक बार फिर डिजीज X ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं.

पिछले दिनों कांगों के इंगेडे क्षेत्र में रहस्यमयी बुखार का एक केस मिला था. उसे रक्तस्त्राव की समस्या भी थी. पहले तो स्थानीय डॉक्टरों ने माना कि उस शख्स को इबोला है, लेकिन रिपोर्ट नॉर्मल आई. इसके बाद डॉक्टरों ने अनुमान लगाया कि यह कोई दूसरी ही बीमारी है. धीरे-धीरे उसकी हालत बिगड़ती गई. डॉक्टरों का मानना है कि उस शख्स को डिजीज नाम की बीमारी हो सकती है.

वैज्ञानिकों का मानना है कि डिजीज X की शुरुआत पशु-पक्षियों से हुई होगी. क्योंकि इस बीमारी के लक्षण कई दूसरी बीमारियों में भी दिख चुके हैं.

कोरोना के मामले में माना गया था कि ये चमगादड़ों से आई, ठीक उसी तरह सार्स और मर्स के भी जानवरों से इंसान तक आने की कहानी है. इससे अलग एक्सपर्ट कहते हैं कि एड्स और यलो फीवर जैसी बीमारी भी पशुओं से ही हम तक आई है.

फ्यूचर पेंडेमिक की लिस्ट में टॉप पर

डब्ल्यूएचओ ने फिलहाल डिजीज X को फ्यूचर पेंडेमिक की लिस्ट में सबसे टॉप पर रखा है वहीं. इसके खतरे को देखते हुए दुनिया के 300 से भी ज्यादा वैज्ञानिक 25 से ज्यादा वायरस और बैक्टीरिया को इस श्रेणी में रखेंगे, जिनकी जानकारी किसी के पास नहीं है.

बता दें कि वायरस से होने वाली बीमारियां भले ही ज्यादा खतरनाक हों, लेकिन बैक्टीरिया उससे भी खतरनाक होती हैं. पूरी दुनिया में जितने लोग विषाणुजन्य बीमारियों से मरते हैं, उससे कहीं ज्यादा बैक्टीरिया के कारण मारे जाते हैं.

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