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Strange Marriage : प्रेमी युगल के पुतलों की हुई अनूठी शादी,जाने गांव वालों को क्यूं उठाना पड़ा ये कदम

आप लोगों ने शादी कार्यक्रम तो बहुत देखे होंगे,लेकिन क्या आप लोगों ने ऐसी शादी देखी है जो लड़का-लड़की की मौत के बाद करवाई गई हो।
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प्रेमी युगल के पुतलों की हुई अनूठी शादी,जाने गांव वालों को क्यूं उठाना पड़ा ये कदम

Strange Marriage : आप लोगों ने शादी कार्यक्रम तो बहुत देखे होंगे,लेकिन क्या आप लोगों ने ऐसी शादी देखी है जो लड़का-लड़की की मौत के बाद करवाई गई हो। आज हम आपको ऎसे ही प्रेमी जोड़े की बात बताते है,जो एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे और शादी करना चाहते थे,लेकिन घर वालो को उनका रिश्ता मंजूर नहीं हुआ,उसके बाद जोड़े ने रस्सी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

महीनों गुजरने के बाद लड़का लड़की के परिजनों और गांव वालों  को गलती का अहसास हुआ। जिसके बाद दोनों के परिजनों ने लड़का लड़की के पुतले बनवाकर उनकी शादी रीति रिवाज से करवाई।     
  
 

यहां का है मामला 

यह मामला गुजरात के तापी स्थित नये नेवाला गांव का है। जहां  प्रेमी-प्रेमिका के परिजनों ने एक-दूसरे से मुलाकात करके ऐसा फैसला लिया। उन्होंने मौत के बाद दोनों प्रेमियों की शादी कराने के लिए प्रेमी-प्रेमिका का पुतला बनवाया और आदिवासी परंपरा से शादी कराई गई. प्रेमी जोड़े जब जिंदा थे, तब उनकी इच्छा पूरी नहीं हुई तो परिवारजनों ने उनका पुतला बनाकर उनकी इच्छा पूरी करने की कोशिश की। यह देखने के लिए गांव वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। 

शादी के लिए राजी नहीं हुए घरवाले तो कर लिया सुसाइड

यह घटना तापी जिले के नये नेवाला गांव की है, जहां पर प्रेमियों की शादी उनकी मौत के बाद हुई. गणेश पड़वी को पड़ोस के पुराने नेवाला गांव की रंजना पड़वी से गहरा प्यार था. हालांकि, दोनों के ही परिवार वालों को यह रिश्ता बिल्कुल भी मंजूर नहीं था.

दोनों के प्यार को शादी में तब्दील करने के लिए परिवारवाले तैयार नहीं थे. परिवार और समाज के विरोध के चलते दोनों ने पिछले साल 14 अगस्त 2022 को एक ही रस्सी से आत्महत्या कर ली थी. प्रेमी जोड़े की आत्महत्या के बाद उनकी आखिरी इच्छा पूरी होने से रह गई थी.

 

6 महीने बाद दोनों की मूर्ति की कराई शादी

परिवार के लोगों को भी लगा कि कहीं न कहीं गलती हो गई है तो परिवार वालों ने गणेश और रंजना की एक सामाजिक प्रथा के रूप में एक मूर्ति तैयार की और उसी मूर्ति की शादी कराने का फैसला किया, जिसके लिए परिवारजनों ने शादी के कार्ड भी छपवाये.

शादी के दिन प्रेमी के पुतले को जैसे जिंदा लोगों की शादी होती है उसी तरह पड़ोस के पुराने नेवाला गांव ले जाया गया और आदिवासी परंपरा के तहत दोनों मृत प्रेमियों की शादी की गई. दुल्हन को प्रेमी के परिवार ने दुल्हन की शादी कर विदा ली. शादी में लोगों के लिए खाने-पीने का भी इंतजाम किया गया था। 

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