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Hindu Origin: कैसे हुई 'हिंदू' शब्द की उत्पत्ति? सिंधु से संबंध नहीं, यहां हुआ सबसे पहले जिक्र

Hindu Word In Vedas: हिंदू (Hindu) शब्द की उत्पत्ति को सिंधु नदी से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि पारसियों से पहले भी हिंदू शब्द का इस्तेमाल हुआ है. आइए इसके बारे में जानते हैं.

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कैसे हुई 'हिंदू' शब्द की उत्पत्ति? सिंधु से संबंध नहीं, यहां हुआ सबसे पहले जिक्र

Hindu Meaning: कर्नाटक (Karnataka) कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सतीश जारकीहोली (Satish Jarkiholi) ने हिंदू (Hindu) शब्द को अपमानजनक बताया है. उनके मुताबिक हिंदू शब्द एक अपशब्द है. उनके मुताबिक खुद को हिंदू कहना, खुद की बेइज्जती करना है. कर्नाटक के बेलगावी में एक कार्यक्रम के मंच से सतीश ने हिंदू शब्द को लेकर बहुत कुछ ऐसा कहा, जिसके बाद, बवाल खड़ा हो गया है. आइए जानते हैं कि हिंदू शब्द की उत्पत्ति कैसे हुई और इसका सबसे पहले जिक्र कहां मिलता है?

किन देशों में रहते हैं हिंदू?

वर्ष 2015 की PEW रिसर्च के मुताबिक दुनिया के 170 से ज्यादा देशों में 110 करोड़ से ज्यादा हिंदू रहते हैं. वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक भारत में 96 करोड़ हिंदू रहते हैं. हिंदू धर्म दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा धर्म है. पहले नंबर पर ईसाई और दूसरे पर इस्लाम धर्म के मानने वाले हैं. दुनिया की 15.1 प्रतिशत आबादी हिंदू धर्म को मानती है. जबकि दुनिया के तीन देश, भारत, मॉरीशस औरनेपाल हिंदू बहुल देश हैं. इसके अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, यूके, यूएस, कनाडा,ऑस्ट्रेलिया, कैरिबियन देशों में भी बड़ी संख्या में हिंदू रहते हैं.

क्या 'सिंधु' से 'हिंदू' शब्द की उत्पत्ति?

कहा ये जाता है कि पारसी धर्म की स्थापना आर्यों की एक शाखा ने 700 ईसा पूर्व में की थी. Zoroas-ter (ज़ोरास्टर) नाम के पैगंबर ने इसे धर्म के तौर पर संगठित किया. इसमें अत्रि कुल के लोग थे. कहा जाता है कि पारसी लोगों को 'स' शब्द के उच्चारण में दिक्कत होती थी, इसीलिए वो 'स' को 'ह' बोलते थे. ये लोग भारत में बहने वाली सिंधु नदी को हिंदू नदी कहते थे, और इसके पूर्व दिशा में रहने वाले लोगों हिंदू कहने लगे.
Ganga aarti ritual in varanasi

संस्कृत को हंस्कृत क्यों नहीं कहा?

ऋग्वेद में भारत को 'सप्त सिंधु' कहा गया है. सप्त का मतलब सात और सिंधु का मतलब नदियां. सप्त सिंधु यानी सात नदियां. इसको पारसी किताबों में 'हप्त हिन्दु' लिखा गया है. हालांकि इसमें एक अपवाद ये है, कि अगर पारसी लोग सिंधु को हिन्दू कहते थे, तो उन्हें मौजूदा पाकिस्तान के सिंध प्रांत को हिन्द प्रांत या सिन्धी को हिंदी कहना चाहिए था. या फिर इस लॉजिक के आधार पर संस्कृत को भी उन्हें हंस्कृत कहना चाहिए था. लेकिन ऐसा नहीं है. सच्चाई ये है कि 'हिंदू' शब्द का जिक्र पारसी किताबों से पहले से ही मिलता रहा है.

सबसे पहले कहां हुआ 'हिंदू' शब्द का जिक्र?

'हिंदू' शब्द का सबसे पहला जिक्र विशालाक्ष शिव द्वारा लिखित 'बार्ह-स्पत्य शास्त्र' में मिलता है. इसके अलावा वाराहमिहिर द्वारा लिखी गई 'बृहत् संहिता' में भी इसका उल्लेख किया गया है. हिन्दू शब्द का उल्लेख 'बृहस्पति आगम' में भी है. 'बृहस्पति आगम' समेत कई आगम, जिस समयकाल लिखे गए थे, उस समय इस्लाम का उद्भव नहीं हुआ था. बृहस्पति आगम में हिन्दुस्थान शब्द का उल्लेख भी है. इसीलिए ये कहा जा सकता है, कि भारत के ऋषि मुनियों ने इस धरती को हिन्दुस्थान कहा था किसी विदेशी ने नहीं. बृहस्पति आगम के एक श्लोक में ये भी कहा गया है कि जो हिंसा की निंदा करता है वो हिन्दू है.

हिंद महासागर से कैसे है संबंध?

बृहस्पति आगम के एक श्लोक में भारत के क्षेत्र को विस्तार से बताया गया है. इसमें लिखा गया है कि हिमालय से शुरू होकर इन्दु सरोवर यानी हिंद महासागर तक जो धरती है, वो 'हिन्दुस्थान' है. यहां इन्दु सरोवर में इन्दु शब्द, चंद्रमा का पर्यायवाची है. इसी वजह से जानकार मानते हैं कि 'हिन्दू शब्द इन्दु' से निकला है. जानकार ये भी कहते हैं कि हिमालय शब्द का पहला अक्षर 'हि' और इन्दु सरोवर जिसे आज हिंद महासागर कहा जाता है, उसका आखिरी अक्षर 'न्दु' को मिलाकर 'हिन्दु' शब्द बना है.

विदेशी यात्रियों ने किया इस नाम का जिक्र

दरअसल प्राचीनकाल में हिन्दू शब्द धर्म नहीं, बल्कि राष्ट्रीयता का प्रतीक था. उस समय के लोग वैदिक धर्म को मानने वाले थे. उस दौरान किसी और धर्म का उद्भव हुआ ही नहीं था. भारत आने वाले विदेशियों ने बाद में राष्ट्रीयता के प्रतीक माने गए शब्द 'हिन्दू' को, यहां के लोगों का धर्म मान लिया. भारत की पुरातन किताबें ही नहीं, विदेशी यात्रियों ने भी अपनी किताबों में हिन्दू शब्द का अलग-अलग तरीके से प्रयोग किया है.

जैसे- सातवीं सदी में भारत आए चीनी यात्री ह्वेनसांग ने अपनी किताब 'सी यू की' में 'सिंतु और हिन्तु' शब्द का प्रयोग किया है. माना जाता है कि उनका मतलब 'सिंधु और हिंदू' शब्द से था. ग्रीक लोग भारतीयों को इन्दु कहते थे. माना ये जाता है कि ग्रीक लोगों ने हिंदू के उच्चारण में से 'ह' अक्षर हटा दिया और 'इन्दु' कहने लगे. इसका एक उदाहरण आज से 2300 साल पहले यानी इस्लाम के आने से 900 साल पहले का मिलता है.

मौर्य साम्राज्य में एक ग्रीक राजदूत रहा करते थे. उनका नाम 'मेगस्थनीज' था. आपमें से बहुत से लोगों ने ये नाम सुना होगा, क्योंकि इतिहास की किताबों में मेगस्थनीज को ग्रीक यात्री कहा गया है. मेगस्थनीज ने 300 ईसापूर्व में भारत के बारे में एक किताब लिखी थी. इस किताब का नाम 'इंडिका' था. माना जाता है कि 'इंडिका' शब्द भी 'इन्दु' से निकला हुआ है. मेगस्थनीज की ये किताब इंडिका, अगले 500 सालों तक पश्चिमी देशों में भारत की जानकारी देने वाली, सबसे महत्वपूर्ण किताब थी. इस किताब के आधार पर पश्चिमी देशों के लोगों ने सिंधू नदी को इंडस रिवर और भारत को इंडिया कहना शुरू कर दिया.

तो इससे यही पता चलता है कि हिंदू शब्द इस्लाम के आने से कई सौ साल पहले से ही प्रचलित था. हालांकि अपने-अपने क्षेत्र और भाषाओं के हिसाब से सबने इसका अलग-अलग उच्चारण किया. इसको किसी ने हिन्दु, किसी ने इन्तु और सिन्तु कहा, तो किसी ने इन्दु कहा. लेकिन ये सारे शब्द भारतीय शब्द हिन्दू के ही अपभ्रंश रहे हैं. ये कहना कि हिन्दू शब्द विदेशियों का दिया हुआ शब्द है, तो ये अल्प ज्ञान ही कहा जाएगा. यही वजह है कि कर्नाटक कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सतीश जारकीहोली को जब हिन्दू शब्द के विषय में पूरा ज्ञान मिला तो उन्होंने अपने बयान पर माफी भी मांग ली.

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