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Delhi Mumbai ExpressWay: हरियाणा से होकर गुजरेगा देश का पहला इलैक्ट्रिक एक्सप्रेस वे, दिल्ली से महज 11 घंटे में पहुंचेंगे मुंबई

देश के सबसे बड़े एक्सप्रेस वे, दिल्ली मुंबई ग्रीन कॉरिडोर को अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इंतजार है कॉरिडोर का दिल्ली से दौसा तक 220 किलोमीटर का हिस्सा बनकर लगभग तैयार हो चुका है
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हरियाणा से होकर गुजरेगा देश का पहला इलैक्ट्रिक एक्सप्रेस वे, दिल्ली से महज 11 घंटे में पहुंचेंगे मुंबई

Delhi Mumbai ExpressWay: देश के सबसे बड़े एक्सप्रेस वे, दिल्ली मुंबई ग्रीन कॉरिडोर को अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इंतजार है कॉरिडोर का दिल्ली से दौसा तक 220 किलोमीटर का हिस्सा बनकर लगभग तैयार हो चुका है. इस कॉरिडोर की शुरुआत के लिए सड़क और परिवहन मंत्रालय की ओर से प्रधानमंत्री ऑफिस को फाइल भेजी हुई है. प्रधानमंत्री से मंजूरी के बाद इस कॉरिडोर की शुरुआत हो जाएगी.

बीत चुकी है कई डेट लाइन

इस कॉरिडोर के शुरू होने की कई बार डेटलाइन बीत चुकी है. कोशिश की जा रही है, कि कॉरिडोर का दौसा तक का हिस्सा इसी महीने मतलब जनवरी 2023 में शुरू कर दिया जाए nhai के अधिकारियों का कहना है. कि कॉरिडोर का काम लगभग पूरा हो चुका है. कोरिडोर से कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेसवे केएमपी से कनेक्टिविटी का काम चल रहा है. यह कनेक्टिविटी शुरू होते ही की केएमपी का ट्रैफिक गुड़गांव शहर में ना जाकर इस कॉरिडोर के जरिए बाहर चला जाएगा.

2 घंटे में दिल्ली से दोसा

दिल्ली से दोसा तक 220 किलोमीटर का सफर लोग अपनी गाड़ी से महज 2 घंटे में पूरा कर सकेंगे. इस कॉरिडोर पर मोटर गाड़ियां 120 प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी वैसे दिल्ली से मुंबई तक पूरा कॉरिडोर दिसंबर 2023 तक पूरा होने की अनुमान है.

क्या है प्रोजेक्ट

देश का पहला ग्रीन कॉरिडोर दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे 1380 किलोमीटर लंबा है इस हाइवे के निर्माण पर करीब एक लाख करोड़ रुपए की लागत आनी है. हाईवे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ियां चलेगी जो कि 12 घंटे में दिल्ली से मुंबई पहुंच सकेगी. कोरिडोर को 12 लेन का बनाने की योजना है. अभी तक पूरे वर्ल्ड में 12 लाइन का इतना लंबा हाईवे कहीं नहीं है. अभी यह हाईवे 8 लाइन का है हाईवे के बीच में 21 मीटर चौड़ी जगह छोड़ दी जा रही है जैसे ही इस पर ट्रैफिक पड़ेगा तो दोनों और दो दो लाइन और बना दी जाएगी.

क्या है खासियत

इस एक्सप्रेस वे पर इलेक्ट्रिक गाड़ियों की अलग लेन होगी. इस हाईवे के शुरू हो जाने पर हर साल करीब 12 करोड़ लीटर तेल की बचत होगी. इसकी वजह से सालाना करीब 85 करोड किलोमीटर कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन घटेगा. 24 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है हाईवे पर करीब 20 लाख पौधे लगाए गए हैं.

पांच राज्यों से गुजरेगा हाईवे

दिल्ली मुंबई कॉरिडोर कुल 5 राज्यों से होकर गुजरेगा. इनमें दिल्ली राजस्थान मध्यप्रदेश गुजरात और महाराष्ट्र शामिल है. यह एक्सप्रेसवे जयपुर किशनगढ़ अजमेर कोटा चित्तौड़गढ़ उदयपुर भोपाल उज्जैन इंदौर अहमदाबाद और सूरत जैसे इकोनामिक हब के लिए शानदार कनेक्टिविटी मुहैया कराएगा. इस कॉरिडोर के शुरू होने से बिजनेस कनेक्टिविटी पड़ेगी और ट्रेड को बढ़ावा मिलेगा.

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