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IPS Success Story: मुश्किल से चलता था घर, पिता के पास पढ़ाने को नहीं थे पैसे, लेकिन हौसले और जुनून से बन गईं IPS

IPS: मोहिता ने 2012 में भारतीय विद्यापीठ कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्यूनिकेशन में बीटेक (B.Tech) करने के बाद यूपीएससी को अपना लक्ष्य बनाया और इसकी तैयारियों में लग गईं. 4 बार असफल होने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अंततः 2017 में वह यूपीएससी क्लियर कर आईपीएस बन गईं. 

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IPS Success Story: मुश्किल से चलता था घर, पिता के पास पढ़ाने को नहीं थे पैसे, लेकिन हौसले और जुनून से बन गईं IPS

IPS Mohita Sharma Success Story: “हज़ार बर्क़ गिरे लाख आंधियां उट्ठें वो फूल खिल के रहेंगे जो खिलने वाले हैं.” साहिर लुधियानवी की यह शायरी मजबूत हौसलों और जुनून के साथ कुछ कर गुजरने के जज्बे को बताती हैं. कुछ कर गुजरने का ऐसा ही हौसला और जुनून था कांगड़ा की मूल निवासी मोहिता शर्मा (Mohita Sharma) में. मोहिता के घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी. घर बड़ी मुश्किल से चलता था, लेकिन पिता की आंखों में बेटी को बड़ा अफसर बनाने का सपना था. वहीं मोहिता में पिता के सपनों को सच करने का जुनून था. वह हर असुविधाओं से लड़कर कामयाबी के आसमान को छूना चाहती थीं. इसके लिए वह पूरी मेहनत से यूपीएससी की तैयारी में जुट गईं और एक दिन उन्होंने वो कर दिखाया जिससे पूरे परिवार को नाज हुआ. 

पिता के सपने को देखकर पढ़ाई के लिए हो गईं गंभीर   

मूलरूप से हिमाचल की रहने वालीं मोहिता शर्मा का परिवार क्योंकि आर्थिक रूप से कमजोर था, ऐसे में रोजगार की तलाश में पिता परिवार के साथ दिल्ली में ही बस गए. मां हाउस वाइफ हैं. मोहिता के पिता मारुति (Maruti) की फैक्ट्री में काम करते थे. सैलरी बहुत ज्यादा नहीं थी. सारा पैसा घर चलाने में ही खत्म हो जाता था, लेकिन वह बेटी को पढ़ाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने उनकी पढ़ाई से कोई समझौता नहीं किया. पिता के सपने को देखकर मोहिता भी गंभीर हो गईं और पूरा फोकस पढ़ाई पर लगाया. स्कूलिंग के बाद 2012 में उन्होंने भारतीय विद्यापीठ कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्यूनिकेशन में बीटेक (B.Tech) की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने यूपीएससी को लक्ष्य बनाया और इसकी तैयारियों में लग गईं. 

4 बार असफलता के बाद भी नहीं छोड़ी उम्मीद 

मोहिता ने एक इंटरव्यू में बताया था कि, यूपीएससी परीक्षा (UPSC Exam) में वह लगातार चार बार नाकामयाब रहीं, लेकिन उनके मन में कभी भी निराशा नहीं आई. दिमाग में बस पिता के सपने को सच करने की बात चलती थी. उन्होंने पांचवीं बार भी परीक्षा देने का फैसला किया. इस बार उन्होंने अपनी पिछली कमियों को दूर किया और अंततः 2017 में यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली. अच्छी रैंकिंग की वजह से उनकी नियुक्ति आईपीएस में हुई. मोहिता कहती हैं कि मेरे लिए आईपीएस बनना आसान नहीं था, लेकिन पिता ने कभी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी. जैसे-तैसे करके पढ़ाया. 

इंटरनेट बना करियर के लिए वरदान 

मोहिता अपनी कामयाबी में इंटरनेट को काफी श्रेय देती हैं. वह कहती हैं कि यूपीएससी की तैयारी के दौरान इंटरनेट उनके लिए वरदान साबित हुआ. तैयारी के दौरान वह रोजाना इंटरनेट सर्फ कर सामान्य ज्ञान की बहुत सी जानकारियां इकट्ठा करती थीं. इसी के सहारे वह नोट्स बनाती थीं. आपको बता दें कि मोहिता कौन बनेगा करोड़पति के 12वें सीजन में खेल चुकी हैं और इन्होंने 1 करोड़ रुपये भी जीते थे. 

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